शाहजहांपुर रेलवें स्टेशन में गैरकानूनी तरीके से चल रहा है दुकानदारों का बोलबाला, यात्रियों को उठानी पड़ती है परेशानी

शाहजहांपुर।आप रेल से अक्सर यात्रा करते होगें और रेलवे स्टेशन में खाने पीने की समाग्री बेचने वालों से भी परिचित होगे। रेलवे स्टेशन में मौजूद दुकानदार ही रेलवे स्टेशन की गंदगी के लिए कई हद तक जिम्मेदार भी है। शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन में भी कुछ ऐसा ही हाल है। शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन में खाने पीने की समाग्री बेचने वाले अपनी मनमानी से से पैसे लेते है। वैसे तो रेलवे में समान बेचने पर पाबंद लगा है लेकिन ये लोग रेलवे पुलिस की आंख के सामने ही अपना व्यव्साय चला रहे है। शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन में लगभग 200 ऐसे विक्रेता है जो अपना पाबंदी के बाद भी व्यापार कर रहे है। वैसे ये देखकर हमें लगता है कि इससे यात्रियों को खाने पीने की चीजे लेने में आसानी होती होगी लेकिन ये विक्रेता मूल्यभाव से अधिक में समान बेचते है। शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन में ट्रेन के रुके होने पर पानी की सुविधा नही होती है तभी इन विक्रेताओं को आजादी मिल जाती है। इसके पीछे कमजोर रेलवे प्रशासन ही जिम्मेदार है। यात्रियों को अधिक भाव में समान लेने में मजबूर होना पड़ता है। जो पानी की बोतल 15 रुपए की होती है वो 20 रुपए बेची जाती है। इसके साथ ही 7 रुपए की चाय 10 में बिकती है।  रेलवे प्रशासन के ढिले रवैये के कारण इस दुकानदारों को आजादी मिल जाती है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

 

 

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सूत्रों की माने में अपने व्यव्साय के लिए दुकानदार प्रतिदिन 200 रुपए रिश्वत के तौर पर पुलिस को देते है। रेलवे पुलिस अधीक्षक सोनिया सिंह ने बताया ये सब दुकानदार गैरकानूनी तरीके अपना व्यव्साय चला रहे है। रेलवे प्रशसान इनकों काफी बार हटा चुका है। उन्होंने कहा कि अब रेलवें पुलिस को मजबूर होकर इनके साथ सख्ती देखानी होगी और साथ ही रिश्वत लेने वाले लोगों को बिल्कुल भी नही छोड़ा जाएगा। इन दुकानदारों की भीड़ के कारण प्लेटफॉर्म में यात्रियों को परेशानी होती है और उनको सुविधा देना हमारी जिम्मेदारी है। शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन इनचार्ज पुलिस एसपी सिंह ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नही है। उन्होंने कहा कि हमारा कोई भी कर्मचारी रिश्वत लेने जैसी गतिविधियों में शामिल नही है। हमने कई बार रेलवे में स्टेशन में दुकान चाला रहे लोगों को गिरफ्तार भी किया है लेकिन जमानत मिलने के बाद वो दोबारा यहां अपना डेरा डार देते है। रेलवे पुलिस तो अपने आप को इस मामले से बचाती हुई दिख रही है लेकिन असली मुसीबत उन यात्रियों की होती है जो यहां से सफर करते है। अब देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस कब यात्रियों को इस परेशानी से निजात दिलाती है।

 

 

 

 

 

 

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पंकज पांडे, पीलीभीत लाइव

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