पीलीभीत:सरकारी पेंच में फंसा नौगवां ओवर ब्रिज , लोगों की परेशानी बढ़ी

पीलीभीत।  शहर में बन रहे  नौगवां ओवर ब्रिज के काम में पेड़ और बिजली पोल रोढ़ा पैदा कर रहे है। पेड़ और बिजली के पोल होने के कारण ओवर ब्रिज काम भी स्ट्रार्ट नही हो पाया है। नौगवां रेलवे क्रासिंग पर लोगों की  वर्षों की मांग के बाद ओवरब्रिज को स्वीकृति मिली है। नौगवां ओवर ब्रिज के काम शुरू हुए आठ महीने हो गए है लेकिन ऐसा बिल्कुल नही लगता है कि ये आठ माह की मेहनत है। शुरू में रेललाइन के दक्षिण आसाम रोड की ओर का काम शुरू कराया गया था लेकिन लाइन के दूसरी काफी पेड़ और बिजली के पोल है जिस कारण काम रूक गया है। बता दे लाइन के दूसरी ओर करीब 67 पेड़ और बिजली के पोल है जो  बाधा पैदा कर रहे है। पेड़ कटवाने के लिए ब्रिज डिपार्टमेंट ने सोशल फॉरेस्ट्री से अनुमति मांगी थी। उसके बाद इस सरकारी कार्य का मजाक पूरे देश में बनता है वही हुआ। सोशल फॉरेस्ट्री के अनुसार उसकी भेजी कई फाइलों का मंत्रालय की ओर से कोई जवाब नही आया है।

रुके हुए कार्य का आरोप मंत्रालय पर लगाते हुए सोशल फॉरेस्ट्री ने कहा कि  हमारी ओर से भेजी कई फाइलों में  बार-बार कमियां बताकर वापस किया जा रहा है। नौगवां ओवर ब्रिज  के निर्माण और पेड़ काटने की अनुमति के विषय में अंतिम बार करीब दो माह पूर्व विभाग ने मंत्रालय को फाइल भेजी थी जिसका अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। पर्यावरण मंत्रालय से पेड़ काटने की अनुमति न मिलने से ब्रिज का काम रुका हुआ है। दूसरी ओर बिजली के तार और पोल भी समस्या बने हुए हैं।इसके साथ ही  नौगवां चौराहे से डिग्री कॉलेज की ओर बिजली लाइनें व पोल भी निर्माण क्षेत्र में खड़े हैं जिन्हें हटवाया जाना है लेकिन ब्रिज डिपार्टमेंट से इसके लिए बिजली विभाग को अभी तक धनराशि उपलब्ध नहीं कराई है। इन सभी के वजह से दूसरी और ब्रिज का काम काफी हल्की गति से चल रहा है। लेकिन दूसी ओर का काम काफी तेजी से चल रहा है। एक तरफ के काम रुक जाने से ओवरब्रिज का निर्माण समय से पूरा होना मुश्किल लग रहा है। इस विषय में ब्रिज डिपार्टमेंट अधिशासी अभियंता वीके सेन ने बताया कि पोल व लाइन हटाने के लिए विद्युत विभाग को शीघ्र धनराशि दी जा रही है। पेड़ कटने की अनुमति मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। जो भी हो विकास के नाम पर लोगों ने अपनी जाम की परेशानी से दूर होने के लिए ब्रिज की मांग की थी ।लेकिन सरकारी झोल में फंसे इस ब्रिज के रुके काम के वजह से लोगों को पऱेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

 

 

 

 

 

 

PANKAJ

Pankaj Pandey

Pilibhit Live Bureau

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