कैंसर से जूझ रही प्रीती की दास्तान, रोज मौत के करीब जा रही है 20 साल की युवती, परिवार के पास इलाज के लिए पैसे नही

शाहाजहांपुर। बिमारी केवल शरीर ही नही बल्कि मानसिक तकलीफ भी देती है। ऐसी ही कहानी है केंसर से जूझ रही 20 साल की प्रीती गौतम की जो जिंदगी जीना चाहती है लेकिन घर की आर्थिक कमज़ोरी के कारण वो प्रतिदिन मौत के मुंह के पास जा रही है। अपनी बिमारी के इलाज के लिए प्रीती गौतम  ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बिमारी के इलाज के लिए आर्थिक मदद की आवाज़ लगाई है लेकिन अभी तक प्रीती को इस विषय में कोई  जवाब नही मिला।

दरअसल प्रीती को एक्यूट माइलॉयड ल्यूकेमिया नामक बीमारी से पीडित है। माइलॉयड ल्यूकेमिया नामक एक प्रकार का केंसर है। रोज मौत के मुंह के पास जाती प्रीती के पास ना समय है ना ही परिवार के पास पैसे।  प्रीती को देख रहे है डॉक्टर सुनील के अनुसार प्रीती केंसर के अंतिम पड़ाव में है उससे बचाया भी जा सकता है। डॉक्टर की माने तो प्रीती कको बचाने के लिए जिन दवाई की जरूरत है उसका खर्चा करीबन 12 हजार प्रति माह आएगा। उन्होंने कहा कि प्रीती को शुरुआत में तीन माह तक इन दवाइयों का सेवन करना होगा अगर उसके बाद प्रीती की स्थिति अच्छी होती है तो पांच साल तक इसका सेवन करना पढ़ेगा। उन्होन बताया कि प्रीती प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है। प्रीती का परिवार  काफी गरीब है। उसके पिता रोजी कमाई करते है और अपनी बेटी की मौत अपने सामने देखने में मजबूर है। प्रीती के बाई संजीव गौतम ने बताया कि दो साल पहले प्रीती को बिमारी ने जकड़ना शुरू किया था। उस समय डॉक्टर ने इससे बुखार बताया और जब लखनऊ में जांच करवाई तो केंसर का पता चला। डॉक्टर जो दवाई प्रीती को बचाने के लिए इस्तेमाल करना चाहते है हम उसका खर्च नही उठा सकते है। डॉक्टर के अनुसार प्रीती जिंदगी के अंतिम पड़ाव में है। उसके पास 3-4 माह का कि समय है। भाई ने कहा कि प्रीती को अभी भी उम्मीद है कि वो इस लड़ाई से जिन्दगी जीत लेगी और वह इसी आशा में है कि उसकी मदद करने के लिए भगवान किसी को भेजेगा।

 

 

 

 

 

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पंकज पांडे,पीलीभीत लाइव

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